Ek se bhale do

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किसी गॉव में एक ब्राह्मण रहता था | एक बार किसी कार्यवश ब्राह्मण को किसी दूसरे गॉव में जाना था | उसकी माँ ने उससे कहा कि किसी को साथ ले लो क्योंकि रास्ता जंगल का है | ब्राह्मण ने कहा माँ! तुम डरो मत, में अकेला ही चला जाऊंगा क्योंकि कोई साथी नहीं मिला नहीं है | माँ ने उसका यह निश्चय जानकार कि वह अकेले ही जा रहा है, पास कि नदी से एक केकड़ा पकड़ कर ले आई और बेटे को देते हुए बोली, बेटा, अगर तुम्हारा वहां जाना आवश्यक है तो इस केकड़े को ही साथ के लिए ले लो | एक से भले दो | यह तुम्हारा सहायक सिद्ध होगा |

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