Sabse Badi Cheez - Akbar Birbal Ke Rochak Kisse

1

Add to wishlist

DOWNLOAD AS ZIP

Story Outline

एक दिन बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं थे। ऐसे में बीरबल से जलने वाले सभी सभासद बीरबल के खिलाफ बादशाह अकबर के कान भर रहे थे। अक्सर ऐसा ही होता था, जब भी बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं होते थे, तभी दरबारियों को मौका मिल जाता था। आज भी ऐसा ही मौका था। बादशाह के साले मुल्ला दो प्याजा की शह पाए कुछ सभासदों ने कहा -'जहांपनाह! आप वास्तव में बीरबल को आवश्यकता से अधिक मान देते हैं, हम लोगों से ज्यादा उन्हें चाहते हैं। आपने उन्हें बहुत सिर चढ़ा रखा है। जबकि जो काम वे करते हैं, वह हम भी कर सकते हैं। मगर आप हमें मौका ही नहीं देते।’ बादशाह को बीरबल की बुराई अच्छी नहीं लगती थी, अतः उन्होंने उन चारों की परीक्षा ली- 'देखो, आज बीरबल तो यहां हैं नहीं और मुझे अपने एक सवाल का जवाब चाहिए।

Reviews

No customer comments for the moment.

Write a review

Sabse Badi Cheez - Akbar Birbal Ke Rochak Kisse

Sabse Badi Cheez - Akbar Birbal Ke Rochak Kisse

Write a review

30 other stories in the same category: