Aapas Ki Foot - Panchtantra Ki Kahaniyan

1

Add to wishlist

DOWNLOAD AS ZIP

Story types

Language Hindi
Content Maturity All Audiences - Age Below 13
Length Short

Story Outline

एक शरीर होने के बावजूद उसके सिरों में एकता नहीं थी और न ही था तालमेल। वे एक-दूसरे से बैर रखते थे। हर जीव सोचने-समझने का काम दिमाग से करता है और दिमाग होता है सिर में। दो सिर होने के कारण भारुंड के दिमाग भी दो थे। (To be continued...)

Reviews

No customer comments for the moment.

Write a review

Aapas Ki Foot - Panchtantra Ki Kahaniyan

Aapas Ki Foot - Panchtantra Ki Kahaniyan

Write a review

30 other stories in the same category: