Dadi Pakadne Ki Saja - Akbar Birbal Ke Rochak Kisse

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Language Hindi
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बादशाह अकवर एक दिन दरबार में पधारे और सिंहासन पर विराजमान होते ही उन्होंने दरबारियों से कहा, 'आज एक शख्स ने मेरी दाढ़ी खींची है। कहिए, मैं उसे क्या सजा दूं? यह सुनकर सभी दरबारी हैरान हुए और सोचने लगे कि किसने ऐसी गुस्ताखी की? आखिर किसकी मौत आई है जो ऐसी जुर्रत कर बैठा। वे परस्पर काना-फूसी करने लगे। थोड़ी देर के बाद एक दरबारी बोला, - 'जहांपनाह! जिसने ऐसा दुस्साहस किया है, उसका सिर धड़ से उड़ा दिया जाए। दूसरे दरबारी ने कहा, 'मेरी राय है जहांपनाह कि ऐसी गुस्ताखी करने वाले को हाथी के पैरों तले कुचलवा दिया जाए।' किसी ने कहा - उस पर कोड़े बरसाएं जाएं,

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